कालसर्प दोष कैलकुलेटर
अपनी जन्म कुंडली में जांचें कि क्या सभी सात ग्रह राहु-केतु अक्ष के एक ओर स्थित हैं और 12 भावों के आधार पर कालसर्प योग का सटीक प्रकार जानें।
कालसर्प दोष की गणना विधि
जब जन्म कुंडली में सातों प्रत्यक्ष ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) राहु और केतु की धुरी के एक ही ओर आ जाते हैं, तब कालसर्प योग बनता है।
हमारा गणना इंजन लाहिरी अयनांश के अंतर्गत स्विस एफिमेरिस द्वारा ग्रहों के सटीक भोगांश निकालकर अक्ष की जांच करता है।
लग्न से राहु के भाव स्थान (प्रथम से द्वादश भाव) के आधार पर 12 प्रकार के कालसर्प योगों (अनंत, कुलिक, वासुकि, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर और शेषनाग) का सटीक निर्धारण किया जाता है।
राज शुक्ला
वरिष्ठ वैदिक ज्योतिष विश्लेषकपाराशरी गोचर गणना, ग्रहीय दशा मानचित्रण और एफिमेरिस मॉडलों के विशेषज्ञ।
नमस्ते! मैं राज शुक्ला हूँ। शास्त्रीय वैदिक ज्योतिष के अध्ययन और लेखन के 12+ वर्षों में, मैंने ग्रहीय गोचर, दशा समयरेखा और नक्षत्र ऊर्जा पर 500+ मार्गदर्शिकाएँ लिखी हैं। मैं AstroPredict के कालसर्प दोष कैलकुलेटर गणना ढांचे की देखरेख करता हूँ ताकि प्रत्येक गणना 100% एफिमेरिस परिशुद्धता और स्पष्ट अंतर्दृष्टि प्रदान करे।
12 प्रकार के कालसर्प योग
लग्न भाव से राहु की स्थिति के आधार पर 12 नाम निश्चित होते हैं (जैसे प्रथम भाव में अनंत, द्वितीय में कुलिक, सप्तम में तक्षक कालसर्प योग)।
भय नहीं, एकाग्रता का प्रतीक
प्राचीन ज्योतिष में इसे एकाग्र ऊर्जा का केंद्र माना गया है। यह जीवन में तीव्र अनुशासन और उच्च लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरक शक्ति बन सकता है।
सकारात्मक साधना एवं संतुलन
भगवान शिव की आराधना, महामृत्युंजय मंत्र का पाठ, प्रकृति की सेवा और निस्वार्थ कर्म से इस अक्षीय ऊर्जा का सर्वोत्तम लाभ उठाया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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राहु-केतु स्थिति सहित अपनी पूरी जन्म कुंडली देखें।
जन्म कुंडली कैलकुलेटर खोलें →मंगल की स्थिति और मांगलिक दोष का मूल्यांकन करें।
मांगलिक दोष कैलकुलेटर खोलें →शनि की साढ़ेसाती के 7.5 वर्ष के गोचर चक्र की गणना करें।
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